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जब रास्तों पर चलते चलते मंजिल का ख्याल ना आये तो आप सही रास्ते पर है।
अगर ख्वाईश कुछ अलग करने की है तो दिल और दिमाग के बीच बगावत लाजमी है।
जिस काम में काम करने की हद पार ना फिर वो काम किसी काम का नहीं।
मुनाफा का तो पता नहीं लेकिन बेचने वाले तो यादों को भी कारोबार बना कर बेच देते है।