Advertisement

Dosti Par Shayari

Advertisement
Dosti Par Shayari
Dosti Par Shayari

जब मोहब्बत🔸 हाथ छोड़ देती है,
तब दोस्त ही कदम से कदम🔸 मिलाकर चलते हैं।

कुछ तुझपे उधार🔸 है कुछ मुझपे उधार है,
ये दोस्ती की मीठी यादें हमारी, चाय 🔸के कर्जदार है..‼

मुझपर दोस्तों का 🔸क़र्ज़ यु ही उधार रहने दो,
बड़ा हसीं है ये क़र्ज़, मुझे कर्ज़दार🔸 रहने दो..‼

हमारे 🔸दोस्त भी,
किसी ताबीज से 🔸कम नहीं,
गले 🔸लगाते ही,
सारे गम खिंच🔸लेते हैं..

मैं एक शायरी वेबसाइट का संचालन करता हूँ, जहाँ आपको हर मौके, हर जज़्बात और हर रिश्ते के लिए खूबसूरत शायरी पढ़ने को मिलती है। लिखने और साहित्य से मेरा खास लगाव है, इसलिए मैं रोज़ नए और यूनिक विचारों को अपनी शायरी के ज़रिए लोगों तक पहुँचाता हूँ। मेरी कोशिश रहती है कि मेरी वेबसाइट हर शायरी प्रेमी के लिए दिल से पसंद की जगह बने।

Leave a Comment