Author: Om Sidh

किसी को क्या🔸 बताएं कितने मजबूर है हम,
जिसे चाहा था दिल से उसी 🔸से दूर है हम…!
मेरे गीत सुने 🔸दुनिया वालों ने,
मगर मेरा दर्द कोई ना 🔸जान सका,
एक तेरा 🔸सहारा था दिल को पर,
तू भी मुझे ना पहचान 🔸सका…!!
पता तो मुझे भी 🔸था कि लोग बदल जाते हैं,
पर मैंने तुम्हें उन लोगों में कभी 🔸गिना ही नहीं था…!!
कितने शौक से 🔸छोड़ दिया तुमने बात करना,
जैसे सदियों से तेरे ऊपर कोई🔸 बोझ थे हम…!!

तेरे सारे फैसले🔸 मंजूर है ऊपर वाले,
मुझे आखिर में वही शख़्स 🔸चाहिए…!
ये मोहब्बत के 🔸हादसे अक्सर दिलों को
तोड़ देते हैं तुम मंजिल की🔸 बात करते हो
लोग राहों में🔸 ही साथ छोड़ देते हैं
सोचा नहीं था🔸 जिंदगी में ऐसे भी फसाने होंगे,
रोना भी जरूरी होगा और🔸 आंसू भी छिपाने होंगे।
मेरी जिंदगी में एक 🔸शख्स इतना अहम हो गया,,
उसे हमसे मोहब्बत है हमें यह 🔸वहम हो गया…।

किसी की फीलिंग से इतना भी🔸 मत खेलो मेरी जान,
के उसका 🔸जिंदगी से मन भर जाए…!
वादा था🔸 मुकर गया, नशा था उतर गया,
दिल था भर गया, इंसान था🔸 बदल गया…!
आज हम दर्द बन गए हैं 🔸उनके लिए,
जिनके 🔸लिए कभी सुकून हुआ करते थे…!!
अगर बिछड़ने से🔸 मुस्कुराहट लौट आये तुम्हारी,
तो तुम्हे हक है की मुझसे दूरियां🔸 बना लो…!!

सच्चे🔸 दोस्तो को
सुख दुख की पहचान 🔸होती है,
तभी🔸 तो जमाने में
दोस्ती महान🔸 होती है।
मेरे यार🔸 तो बहुत अच्छे हैं,
दिल के बड़े सच्चे 🔸हैं,
अकल से🔸 थोड़ा कच्चे,
मगर दोस्ती निभाने 🔸में पक्के हैं।
दोस्त 🔸भले ही एक हो,
पर ऐसा हो जो🔸 अल्फाजों से ज्यादा
खामोशियों🔸 को समझे।
कौन कहता है🔸 दोस्ती बर्बाद करती हैं,
निभाने🔸 वाले मिल जाए
तो दुनिया याद रखती🔸 हैं।

चूम लूँ तेरे🔸 गालों को दिल की ख्वाहिश है,
ये में नहीं कहता ऐसी दिल की🔸 फरमाहिश है !
खुद नहीं जानती 🔸तुम कितनी प्यारी हैं,
जान है🔸 हमारी पर जान से प्यारी हैं,
दूरियों के होने से कोई फर्क🔸 नहीं पड़ता,
तुम कल भी🔸 हमारी थी और आज भी हमारी है !
दिल में तेरी 🔸चाहत
लबों🔸 पे तेरा नाम है
तू मोहब्बत कर🔸 या ना कर
मेरी🔸 जिंदगी तेरे नाम है
मंजिल 🔸भी तुम हो तलाश भी तुम हो,
उम्मीद भी तुम हो 🔸आस भी तुम हो,
इश्क भी तुम हो 🔸और जूनूँ भी तुम ही हो,
अहसास तुम हो प्यास भी 🔸तुम ही हो।

दोस्ती से कीमती🔸 कोई जागीर नही होती,
दोस्ती से खूबसूरत कोई तस्वीर🔸 नही होती।
दोस्ती यूँ तो 🔸कचा धागा है मगर,
इस धागे से मजबूत कोई ज़ंजीर🔸 नही होती।
दोस्ती तो एक🔸 झोका हैं हवा का,
दोस्ती तो एक नाम हैं🔸 वफ़ा का,
औरो के लिए 🔸चाहे कुछ भी हो,
हमारे लिए तो दोस्ती हसीन 🔸तोफा हैं खुदा का….!!!
वो दिल ही क्या 🔸जो वफ़ा ना करे,
तुझे भूल कर जिएं कभी 🔸खुदा ना करे,
रहेगी तेरी दोस्ती🔸 मेरी जिंदगी बन कर,
वो बात और है, अगर जिंदगी 🔸वफ़ा ना करे…….!!!
हर एक मोड़🔸 पर मुकाम नही होता,
दिल के रिश्ते का कोई नाम 🔸नही होता,
चिराग की रोशनी🔸 से ढूंढा है आपकों,
आप जैसा दोस्त मिलना आसान🔸 नही होता…

हमारी दोस्ती 🔸एक-दूजे से ही पूरी है,
वरना रास्ते के बिना तो मंज़िल 🔸भी अधुरी है।
अपनी जिंदगी🔸 के अलग उसूल है,
यार की खातिर तो कांटे भी 🔸कबूल है।
वो दोस्त मेरी नज़र🔸 में बहुत माईने रखते है,
जो वक़्त आने पर मेरे सामने 🔸आईने रखते है।
मुझे पागलो से 🔸दोस्ती करना पसंद है साहब,
क्योंकि मुसीबत में कोई समझदार 🔸काम नहीं आता।

जब मोहब्बत🔸 हाथ छोड़ देती है,
तब दोस्त ही कदम से कदम🔸 मिलाकर चलते हैं।
कुछ तुझपे उधार🔸 है कुछ मुझपे उधार है,
ये दोस्ती की मीठी यादें हमारी, चाय 🔸के कर्जदार है..‼
मुझपर दोस्तों का 🔸क़र्ज़ यु ही उधार रहने दो,
बड़ा हसीं है ये क़र्ज़, मुझे कर्ज़दार🔸 रहने दो..‼
हमारे 🔸दोस्त भी,
किसी ताबीज से 🔸कम नहीं,
गले 🔸लगाते ही,
सारे गम खिंच🔸लेते हैं..

कुछ अलग शौक🔸 है मेरे दुनियावालों से,
यार कम ही रखता हूँ पर बहुत ख़ास🔸 रखता हूँ।
लोग कहते हैं🔸 की इतनी दोस्ती मत करो,
के दोस्त दिल पर सवार हो🔸 जाए,
में कहता हूँ 🔸दोस्ती इतनी करो के,
दुश्मन को भी तुम से🔸 प्यार हो जाए….!!!
जंगल मे शेर🔸 भी खामोश हो जाते है
जब हमारे दोस्त हमारे🔸 साथ होते है
दोस्ती की महफ़िल 🔸सजे जमाना हो गया,
लगता है खुलकर जिए जमाना🔸 हो गया,
कास कही मिल 🔸जाये वह काफिला दोस्तो का,
अपनो से बिछड़े जमाना हो🔸 गया…

हर मोड़ पर 🔸मुकाम नहीं होता,
दिल के रिश्तो का कोई नाम🔸 नहीं होता,
चिराग की🔸 रौशनी से ढूँढा है आपको,
आप जैसा दोस्त मिलना आसान🔸 नहीं होता
दोस्ती ज़िन्दगी 🔸का खूबशूरत लम्हा है,
जिसे मिल जाये तन्हाई में🔸 भी खुश,
जिसे न मिले🔸 भीड़ में भी अकेला..
क्या कहे कुछ🔸 कहा नही जाता,
दर्द मीठा है पर रहा नही 🔸जाता,
कुछ अच्छे 🔸दोस्त भी बना लीजिये ,
प्यार हर वक्त साथ नहीं 🔸देता.!!
कुछ लोग भूल के 🔸भी भुलाये नहीं जाते,
ऐतबार इतना है कि आजमाये🔸 नहीं जाते,
हो जाते हैं दिल 🔸में इस तरह शामिल कि,
उनके ख्याल दिल से मिटाये🔸 नहीं जाते।