Advertisement

Sad Life Sayari

Advertisement
Sad Life Sayari
Sad Life Sayari

हासिल-ए-ज़िन्दगी 🔸हसरतों के सिवा और कुछ भी नहीं,
ये किया नहीं, वो हुआ नहीं, ये मिला🔸 नहीं, वो रहा नहीं।

ऐ ज़िन्दगी, तोड़🔸 कर हमको ऐसे बिखेर दे इस बार,
न फिर से टूट पायें हम, और न फिर🔸 से जुड़ पाए तू।

ज़िन्दगी लोग जिसे 🔸मरहम-ए-ग़म जानते हैं,
जिस तरह हम ने गुज़ारी है वो हम 🔸जानते हैं।

छोड़ ये बात🔸 कि मिले ज़ख़्म कहाँ से मुझको,
ज़िन्दगी इतना बता कितना 🔸सफर बाकी है।

अब समझ लेता 🔸हूँ मीठे लफ़्ज़ों की कड़वाहट,
हो गया है ज़िन्दगी का तजुर्बा 🔸थोड़ा थोड़ा।

मैं एक शायरी वेबसाइट का संचालन करता हूँ, जहाँ आपको हर मौके, हर जज़्बात और हर रिश्ते के लिए खूबसूरत शायरी पढ़ने को मिलती है। लिखने और साहित्य से मेरा खास लगाव है, इसलिए मैं रोज़ नए और यूनिक विचारों को अपनी शायरी के ज़रिए लोगों तक पहुँचाता हूँ। मेरी कोशिश रहती है कि मेरी वेबसाइट हर शायरी प्रेमी के लिए दिल से पसंद की जगह बने।

Leave a Comment