Aarti Anjali Awasthi 25 December 2025 Written Update: गिनी का खतरनाक प्लान
Aarti Anjali Awasthi 25 December 2025 Written Update: आज के एपिसोड में आरती खुलकर एलान करती है कि वह कभी भी अभय–अंजलि की शादी को सपोर्ट नहीं करेगी और घर छोड़कर वेद के साथ बनारस चली जाती है, वहीं दूसरी तरफ युवराज और गिनी मिलकर ऐसा डेथ ट्रैप बिछाते हैं जिसमें चारा आरती–वेद हैं और निशाना अंजलि।
एपिसोड की शुरुआत उस टकराव से होती है जहां घर के सामने अभय, अंजलि से अपना रिश्ता निभाने की बात करता है, लेकिन आरती बीच में बोल पड़ती है कि वह इस शादी के खिलाफ है और कभी भी अपनी बहन अंजलि और अभय के रिश्ते को स्वीकार नहीं करेगी। आरती का दर्द ये है कि उसके हिसाब से अंजलि की वजह से ही गिनी की जिंदगी बर्बाद हुई और अब अगर अंजलि अभय की पत्नी बन गई तो गिनी की नफरत और बदले की आग और बढ़ जाएगी।
आरती गुस्से‑गुस्से में साफ कहती है कि इस घर में अगर अंजलि अभय की दुल्हन बनकर आई तो वह इस रिश्ते का हिस्सा नहीं रहेगी। वह तुरंत वहां से चली जाती है, अभय वेद से कहता है कि वह आरती के पीछे जाए और उसे संभाले, जबकि खुद वह अंजलि की स्थिति देखेगा। वेद, आरती के पीछे जाता है और उसे शांत करने की कोशिश करता है कि भागकर फैसले लेने से पहले एक बार सोच तो ले।
यहीं से ट्रैक बनारस की तरफ शिफ्ट होता है। आरती, मन को ठंडा करने और भगवान के सामने मन की बात कहने के लिए वेद के साथ बनारस जाने का फैसला लेती है। वेद उसे कहता है कि अगर वह खुद को और हालात को थोड़ा दूर से देखेगी, तो शायद उसको साफ दिखाई देगा कि गिनी और युवराज की चालों के बीच असली दुश्मन कौन है। दोनों यात्रा पर निकल पड़ते हैं और यह ट्रिप बाद में युवराज के ट्रैप का हिस्सा बन जाती है।
इधर राजपूत हवेली में युवराज और गिनी की प्लानिंग लेवल अप हो जाती है। युवराज, गिनी को फोन करके बताता है कि आरती और वेद बनारस के तीर्थयात्रा पर जा रहे हैं और यह उन्हें टारगेट करने का परफेक्ट मौका है। वह साफ शब्दों में गिनी से कहता है कि वह दामोदर के आदमियों के साथ बनारस पहुंचे, आरती–वेद पर हमला करवाए और फिर अंजलि को फोन करके वहां बुलाए, ताकि एक ही जाल में तीनों फंस जाएं।
गिनी, गुस्से और जुनून में युवराज की बात मान लेती है। एक तरफ वह मेहंदी लगवाते हुए दिखती है और फोन पर अभय से बात करती है कि अब वह दामोदर से शादी करने वाली है, लेकिन उसका दिल अब भी अभय को नहीं भूल पा रहा। अभय साफ कह देता है कि उनके बीच कभी सच्चा रिश्ता था ही नहीं, वो जबरदस्ती और धोखे से हुई शादी थी, अब जो बचा है वह भी खत्म हो चुका है और उसके लिए सिर्फ अंजलि मायने रखती है।
अभय गिनी को यह भी कहता है कि उसके लिए बेहतर है कि वह दामोदर के साथ सेटल हो जाए, क्योंकि गिनी के लिए वहीं सही जोड़ी हो सकती है, जबकि वह खुद अंजलि के साथ छोटी‑सी दुनिया बनाना चाहता है। ये बात गिनी के दिल में तीर की तरह लगती है और वह ठान लेती है कि अगर उसे अभय नहीं मिल सकता, तो वह अंजलि की जिंदगी भी नर्क बना देगी – चाहे इसके लिए उसे आरती और वेद को चारे की तरह ही क्यों न इस्तेमाल करना पड़े।
इधर मेहेक, युवराज की फोन पर हुई बातों का एक हिस्सा सुन लेती है, जहां वह “मारने” और “सबको खत्म कर देने” जैसी बातें करता है। मेहेक घबरा जाती है और तुरंत अंजलि को फोन करके सब बताने की कोशिश करती है, लेकिन युवराज बात बीच में काटकर झूठी कहानी सुना देता है और कॉल कटवा देता है। अंजलि को शक तो होता है कि मेहेक उसे कुछ जरूरी बताना चाहती थी, पर उसे असल बात पता नहीं चलती।
बनारस में आरती और वेद, घाटों पर पूजा और घूमते हुए कुछ शांत पल बिताने की कोशिश करते हैं। गिनी, दामोदर के आदमियों के साथ वहां पहुंचती है और दूर से दोनों पर नज़र रखती है। वह जानबूझकर अंजलि को कॉल करके कहती है कि वह बनारस आई है और आरती–वेद बहुत खुश हैं, घूम रहे हैं और शायद अंजलि की कोई परवाह नहीं कर रहे। फिर वह धमकी देती है कि अब वह आरती को मार देगी और देखती है कि अंजलि कैसे उसे बचाने आती है।
अंजलि को फोन पर ही अंदाज़ा हो जाता है कि गिनी की असली टारगेट वह खुद है, आरती सिर्फ बहाना है। फिर भी वह साफ कहती है कि वह कुछ भी हो जाए आरती और वेद के साथ कुछ नहीं होने देगी और खुद बनारस जाने की तैयारी शुरू कर देती है। यही युवराज की प्लानिंग का सेंटर है – वह चाहता है कि अंजलि खुद मौत के जाल में चली आए।
युवराज, मेहेक को एक कमरे में बंद कर देता है ताकि वह किसी को कुछ बता न सके। मेहेक रोते हुए कहती है कि अगर अंजलि को कुछ हो गया तो वह कभी खुद को माफ नहीं कर पाएगी। युवराज ठंडे लहजे में कहता है कि उसकी जान से ज्यादा जरूरी उसका खेल है, जिसमें दांव पर अंजलि की जिंदगी, राजपूत परिवार की इज़्ज़त और अभय–अंजलि का रिश्ता सब कुछ लगा है।
एपिसोड के अंत में, युवराज, राघव को कॉल करके कहता है कि वह किसी भी हाल में अभय को अंजलि के पीछे जाने से रोके, ताकि बनारस में जब हमला हो तो अंजलि बिल्कुल अकेली हो। प्रीकैप/अपकमिंग हिंट में दिखाया जाता है कि बनारस के भीड़भाड़ वाले घाट पर गिनी बंदूक तानकर खड़ी है, दामोदर के गुंडे चारों तरफ फैले हैं और दूर से अंजलि भागते हुए आरती–वेद तक पहुंचने की कोशिश कर रही है – सवाल यही है कि यह डेथ ट्रैप किसकी जिंदगी लेगा और किसके लिए नया मोड़ बनेगा।