Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2 January 2026 Written Update

Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi

Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2 January 2026 Written Update एपिसोड की शुरुआत अंगद और तुलसी की भावुक मुलाकात से होती है। कई सालों बाद माँ‑बेटे की ये मुलाकात दोनों को तोड़ भी देती है और जोड़ भी देती है। अंगद, तुलसी से शिकायत करता है कि वह उसे छोड़कर कैसे चली गई और बताता है कि उसके बिना उसकी ज़िन्दगी कितनी मुश्किल और बेमायने रही। तुलसी रोते हुए कहती है कि वह चाहें तो उसे सज़ा दे सकते हैं, लेकिन अब वह उसके सामने है और चाहती है कि वह रोना छोड़ दे।

वह पूछती है कि उसके पोते‑पोती इतने कमज़ोर क्यों हैं, तो अंगद हँसते हुए कहता है कि वो बचपन में उनका हिस्सा भी खा जाता था, इसलिए वह मज़बूत निकला। तुलसी अपने पोते‑पोती से मिलती है और बच्चे यह जानकर खुश हो जाते हैं कि वह उनकी “बा” हैं। वृंदा, तुलसी से घर के अंदर चलने को कहती है।

उधर रणविजय, शालिनी से बात करते हुए बताता है कि वह विरानी ग्रुप का मालिक बनने के लिए हर तरह की चाल चल रहा है। पारी ये सब सुन लेती है और रणविजय से कहती है कि वह उसके पापा के साथ धोखा नहीं कर सकता। रणविजय पलटकर पारी को ही चीटर कहता है, जो अपने माता‑पिता को छोड़कर चली आई। वह उसे याद दिलाता है कि अगर उसने ज़्यादा सवाल किए तो उसे वापस उसी चॉल में छोड़ आएगा जहाँ से वह भागकर आई थी। पारी रोते हुए मानती है कि वह मजबूर है और अपने किए की सज़ा भुगत रही है।

रणविजय खुलकर मानता है कि वह शालिनी के साथ अफेयर में है। पारी उसे याद दिलाती है कि वह शादीशुदा और एक बच्ची का बाप है, लेकिन रणविजय गुस्से में उसे मारने के लिए हाथ उठाता है। तभी गायत्री वहाँ आ जाती है, तो वह हाथ रोक लेता है और औपचारिकता निभाते हुए वहाँ से चला जाता है। गायत्री, पारी की हालत देखकर उससे घरेलू हिंसा के बारे में पूछती है, मगर पारी सबकुछ नकार देती है और उसे अपने निजी मामले से दूर रहने को कहती है। अकेले में पारी टूट जाती है और सोचती है कि उसने अपने माँ‑बाप को चोट पहुँचाई, इसलिए अब ये सब सहना ही उसकी सज़ा है, जो उसे अकेले काटनी होगी।

वृंदा, तुलसी से कहती है कि वे लोग हमेशा उसके बारे में बात करते रहे हैं और अब चाहती है कि तुलसी यहीं उनके साथ रहे। तुलसी कहती है कि उसके पास रहने के लिए बहुत सारी लड़कियाँ हैं, जिनकी ज़िम्मेदारी उसके ऊपर है, इसलिए वह यहाँ ठहर नहीं सकती। अंगद चाहता है कि वो उन सब लड़कियों को भी यहीं ले आए, ताकि वे भी परिवार के साथ रह सकें।

इधर, एग्ज़िबिशन में बेस्ट दो स्टॉल का ऐलान होता है। विरानी परिवार का स्टॉल सिलेक्ट तो हो जाता है, लेकिन बन्देज की टीम उन्हें पछाड़कर पहला स्थान हासिल कर लेती है। वैष्णवी और उसकी टोली खुशी से झूम उठती है, जबकि नोइना के चेहरे पर साफ़ जलन दिखती है। देव, पार्थ से कहता है कि उसे लड़कियों की जीत देखकर सच्चा आनंद मिला है और नोइना को डर लगने लगता है कि कहीं बन्देज की ये कामयाबी आगे चलकर विरानी नाम से भी ऊपर न निकल जाए।

वैष्णवी और लड़कियाँ जीत की खुशी में नाचने लगती हैं और तुलसी भी उन्हें दुआएँ देती है। उसे पता चलता है कि उनका ब्रांड बन्देज, विरानी के ख़िलाफ़ कम्पीट कर रहा है। तुलसी दिल से चाहती है कि बन्देज आगे बढ़े और Virani से भी ज़्यादा कामयाबी हासिल करे। अंगद, तुलसी को घर चलने के लिए बुला लेता है और तुलसी, लड़कियों से सामान समेटने के लिए कहती है।

नोइना थकान और गुस्से में अपना सारा भड़ास सुची पर निकालती है। मिहिर तंज कसते हुए कहता है कि पापों की सज़ा आखिर मिलकर रहती है। नोइना उससे पूछती है कि उसने कौन सा पाप किया है। मिहिर उसे सुनाता है कि कभी यह घर लोगों से भरा हुआ होता था और अब सिर्फ़ “मकान” बचा है, जिसमें रिश्तों की गर्माहट नहीं रही। वह ताना मारता है कि सेलेक्ट तो वो भी हुए हैं, लेकिन असली जीत तो किसी और की झोली में गई है।

तुलसी, बन्देज की लड़कियों के साथ अंगद के घर आती है। पोते‑पोती नाचते‑कूदते हुए अपनी “बा” के इर्द‑गिर्द घूमते हैं। सुप्रिया, मालती को खबर देती है कि तुलसी वापस आ गई है। मालती, घर में अचानक छह लोगों की भीड़ और तुलसी की वापसी देखकर घबरा जाती है और सोचती है कि अब आगे क्या होगा। वैष्णवी, तुलसी से पूछती है कि अंगद और वृंदा का उससे क्या रिश्ता है। तुलसी बताती है कि अंगद उसका बेटा है और वृंदा उसकी बहू।

वैष्णवी हैरान रह जाती है कि तुलसी ने यह सच पहले कभी क्यों नहीं बताया। तुलसी समझाती है कि वह पहले चाहती थी कि उसका बेटा समय लेकर ऐडजस्ट करे और साथ ही वह बन्देज को भी मज़बूत करना चाहती थी। वह लड़कियों से कहती है कि अभी उनका पूरा फोकस सिर्फ़ कम्पीटीशन और मेहनत पर होना चाहिए, बाकी परिवार की बात बाद में देखी जा सकती है। वृंदा, सबके लिए खाना तैयार करती है और उन्हें कपड़े बदलने को कहती है।

अंगद, तुलसी से सवाल करता है कि उसने बन्देज की लड़कियों को उनके रिश्ते के बारे में सच क्यों बता दिया। तुलसी कहती है कि वह चाहती नहीं थी कि सच इतने जल्दी सामने आए, लेकिन हालात ऐसे बने कि बात निकल गई। वह ये भी जोड़ती है कि अभी Virani और बन्देज आमने‑सामने हैं, इसलिए वह नहीं चाहती कि उनके मन पर कोई और बोझ पड़े।

Latest Serial