Parvati Umeed Zindagi Ki 25 December 2025 Written Update: पार्वती पर लगा इल्ज़ाम
Parvati Umeed Zindagi Ki 25 December 2025 Written Update: आज के एपिसोड में राज राजेश्वरी और नंदिनी, पार्वती को घर से निकालने की साजिश को एक कदम आगे बढ़ाती हैं, पार्वती पर चोरी और गलत नियत के ताने कसती हैं, जबकि आदित्य अपने परिवार और पार्वती के बीच बुरी तरह फंसता दिखता है।
एपिसोड की शुरुआत पिछली किचन वाली बात से आगे बढ़ती है, जब मेमसाब (राज राजेश्वरी) ने पार्वती को घर में खाना बनाने से मना किया था और पार्वती का दिल टूट गया था। अब नंदिनी उसी बात को तूल देकर मेहमानों के सामने ये इमेज बनाने की कोशिश करती है कि पार्वती ने घर के काम का फायदा उठाकर आदित्य के करीब आने की प्लानिंग की थी। वह ताना मारती है कि “खाना बनाने वाली अगर दिल पर चढ़ जाए, तो घर टूटने में देर नहीं लगती।”
राज राजेश्वरी बाहर से शांत, लेकिन अंदर से और ज्यादा सख्त हो जाती हैं। वह साफ कहती हैं कि जिस दिन से पार्वती इस घर में आई है, उस दिन से इस परिवार की शांति खत्म हो गई है – कभी आदित्य का बदलता रवैया, कभी सुंदरम की नाराज़गी और अब नंदिनी की शिकायतें। वह तय कर लेती हैं कि अब किसी भी हाल में पार्वती को इस घर में नहीं रहने देंगी, भले ही आदित्य कितना भी विरोध कर ले।
दूसरी तरफ पार्वती अभी भी अपनी जगह खुद को गलती पर मानती है। वह गणेश से बात करते हुए कहती है कि शायद सच में उसकी वजह से दीदी (राज राजेश्वरी) को लगता है कि घर टूट रहा है, जबकि वह तो सिर्फ अपने हिस्से का फर्ज निभाना चाहती थी। लेकिन अब उसे लगता है कि जितना वह इस घर में रुकेगी, उतना ही सबके बीच तनाव बढ़ेगा।
नंदिनी और उसकी साथी बुआ मिलकर नई चाल चलते हैं – वे कुछ पैसे/ज्वेलरी गायब करके उसका शक पार्वती पर डालने की प्लानिंग करती हैं, ताकि सुंदरम भी पूरी तरह उसके खिलाफ हो जाए। बातचीत में नंदिनी साफ कहती है कि उनके पास पार्वती से जुड़ा एक “राज़” है जो उनके लिए ब्रह्मास्त्र है और जिस दिन ये सच बाहर आएगा, उसी दिन पार्वती की कहानी इस घर से खत्म हो जाएगी।
इसी बीच आदित्य के दिल में जबरदस्त कंफ्यूज़न और गिल्ट चलता है। वह एक तरफ पार्वती को अपने सबसे मुश्किल दिनों की साथी और हमसफर मानता है, तो दूसरी तरफ मां की इज़्ज़त और समाज की नज़र के डर से खुलकर उसके साथ खड़ा भी नहीं हो पाता। उसे ये भी डर है कि अगर राज राजेश्वरी को उनकी सीक्रेट शादी का सच पता चला, तो वो टूट जाएंगी और पूरा घर उसके खिलाफ हो जाएगा।
दिन में एक सीन में, जब घर में सब मौजूद होते हैं, नंदिनी इशारों‑इशारों में पार्वती पर नजरें गड़ाती है कि उसके आने के बाद से घर के कैश और सामान पर नज़र रखना पड़ रहा है। राज राजेश्वरी भी ताना मारती हैं कि “कुछ लोग जितना पाते हैं, उतने से खुश नहीं रहते, उन्हें और चाहिए।” पार्वती ये बातें सुनकर चुपचाप वहां से हट जाती है, लेकिन उसकी आंखों में आंसू साफ दिखते हैं।
आदित्य ये सब देखता है और पहली बार मां से सवाल करने का मन बनाता है। वह कहता है कि अगर पार्वती ने कोई गलती की है तो सबूत के साथ बात करें, यूं तानों और शक से किसी का दिल तोड़ना ठीक नहीं। राज राजेश्वरी पलटकर कहती हैं कि उसे एक “खाना बनाने वाली” की इज़्ज़त की ज्यादा चिंता है या अपनी मां और परिवार की। ये सुनकर आदित्य चुप हो जाता है, लेकिन उसके मन में पार्वती के लिए हमदर्दी और भी बढ़ जाती है।
एपिसोड के इमोशनल हाई पॉइंट में, पार्वती अकेले में सामान समेटते हुए गणेश से कहती है कि शायद अब समय आ गया है कि वह खुद ही ये घर छोड़ दे, ताकि न तो दीदी को उसकी वजह से बदनामी सहनी पड़े और न ही आदित्य को उसके बीच फंसना पड़े। वह सोचती है कि अगर किस्मत ने चाहा तो एक दिन सच खुद सामने आएगा, लेकिन फिलहाल उसे चुपचाप हट जाना ही सही लगेगा।
प्रीकैप/अपकमिंग ट्रैक के मुताबिक, अगले एपिसोड में नंदिनी और बुआ, सुंदरम के कानों में ज़हर घोलेंगी और उसे उकसाएंगी कि वह तुरंत पार्वती को गांव भेज दे। वहीं दूसरी तरफ आदित्य के हाथ ऐसी जानकारी लगने के संकेत हैं, जिससे उसे समझ आएगा कि पार्वती को बदनाम करने वाली बातों के पीछे असली प्लान किसी और का है, न कि उसकी गलती का। यहीं से आदित्य को तय करना होगा कि वह मां के डर पर चलेगा या पार्वती के लिए सच की राह चुनेगा।